*लुधियाना, 24 अगस्त
कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने रविवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला और उस पर “पंजाब विरोधी” मानसिकता रखने का आरोप लगाया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड हटाने के केंद्र सरकार के फैसले की निंदा की और इसे एक “निरंकुश आदेश” करार दिया, जो पंजाब में लगभग 55 लाख गरीब लाभार्थियों को आवश्यक खाद्य सुरक्षा लाभों से वंचित करता है।
इस मौके पर उनके साथ विधायक अशोक पाराशर पप्पी, कुलवंत सिंह सिद्धू, सरबजीत कौर माणुंके, दलजीत सिंह ग्रेवाल, राजिंदरपाल कौर छीना, मेयर इंद्रजीत कौर, जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष जतिंदर सिंह खंगूरा, शरणपाल सिंह मक्कड़, डॉ. केएनएस कंग समेत कई अन्य लोग भी मौजूद थे।
मंत्री सोंध ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कार्रवाई पंजाब के प्रति जानबूझकर किए गए पक्षपात को दर्शाती है। उन्होंने कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा, “भाजपा सरकार के दिमाग में पंजाब के खिलाफ एक वायरस घुस गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार ने पहले किसान विरोधी कानून लेकर आई। फिर पंजाब के ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के फंड रोक दी। उसे जानबूझकर जारी नहीं कर रही है। सोंध ने कहा, “ये कार्रवाइयां साफ़ दिखाती हैं कि एनडीए सरकार को पंजाब या उसके लोगों की कोई परवाह नहीं है।”
मंत्री ने इस मुद्दे पर पंजाब भाजपा नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा, “क्या वे अपनी ही पार्टी की नीतियों के ख़िलाफ़ बोलने की हिम्मत करेंगे? क्या पंजाब भाजपा के नेता इस निरंकुश आदेश के ख़िलाफ़ खड़े होंगे या अपनी पार्टी के हितों की रक्षा के लिए चुप रहेंगे?”
राशन कार्ड रद्द करने के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए, मंत्री सोंध ने केंद्र सरकार से प्रभावित परिवारों को तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभ बहाल करने की अपील की। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार अपने नागरिकों, ख़ासकर ग़रीब परिवारों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम किसी के भी नाम काटने नहीं देंगे।
