सुशील
तरनतारन :- नगर कौसिंल की मिलीभुगत से पूरा का पूरा शहर नियमो के उल्ट बड़े बड़े फलैक्सो और बोर्ड से ढका पड़ा है शहर के बस स्टैंड के नजदीक बने टरैवल एजेंटो और आईलटस करवाने वाली कंपनीयो ने पूरी की पूरी बिल्डिंगो को विज्ञापनो से ढका पड़ा है और इस दौड़ मे सभी एक से बड़ कर एक है, चाहे और अमृतसर बाईपास और या सिवल हस्पताल रोड और गोइंदवाल और हरीके रोड हो सभी सड़को पर विज्ञापनो माफीया ने कब्जा कर रखा है और इस पर नगर कौसिंल द्वारा कोई कार्रवाई नही की जा रही है जिससे इनका दायरा बढ़ रहा है जबकि नगर कौंसल एक्ट 1976 की धारा 123 के तहत 50000 रुपये प्रति बोर्ड जुर्माना बनता है। मगर अवैध तरीके से लगाए गए विज्ञापनो और बोर्ड पर यदि जुर्माना लगाया जाए तो नगर कौंसिल के खजाने मे बढ़त होती।
