अंकुर जायसवाल
लुधियाना :- लुधियाना नगर निगम मे वैसे तो कई घोटाले है, यहा कोई भी काम सीधे तरीके से नही होता, आप सरकार के उस समय भ्रष्टाचार दूर करने के दावे खोखले हो गए जब फर्जी एनओसी का मामला सामने आ गया। पंजाब सरकार ने मकानो ओर प्लाटो की रजिस्टरी के लिए निगम और पुडा की एनओसी अनिवार्य कर दी है। जिसकें चलते हजारो मकानो और प्लाटो की रजिस्टरीया फंसी पड़ी है। वही दुसरी और कुछ दलालो नें इस का फायदा उठातो हुए निगम की बिलडिंग विभाग मे सेंधमारी की और वहॉ सैटिंग की। जिसमे से निगम के बिलडिंग इंस्पैक्टर और एटीपी को अपने रंग मे रंग डाला और शुरु कर दिया रिश्वत और फर्जी एनओसी का ध्ांधा। आज नैशनलिस्ट जस्टिस पार्टी के यूवा विंग के प्रधान एडवोकेट श्री तजिंदर सिंह ने एक शिकायत माननीय मुख्यमंत्री और पंजाब के लोकपाल को करते हुए कहॉ कि नगर निगम की जोन बी मे तैनात एक इंस्पैक्टर जो अभी इस समय फगवाड़ा निगम मे तैनात है। वो पहले भी कई गैर कानूनी इमारते बनाने के चक्कर मे चार्जशीट हो चुका है, और उक्त इंस्पैक्टर ने प्रापर्टी दलालो के जरिए कई लोगो की फर्जी एनओसी जारी कर दी जिनका निगम मे कोई रिकार्ड नही है। उक्त इंस्पैक्टर बहुत शातिर है और उसने यह एनओसी निगम मे तैनात एक आपरेटर कम टाईपिस्ट की मदद से किये है और इसमे और भी कई लोग शामिल हो सकते है। जिसकी जांच उच्च स्तरीय होनी चाहिए। श्री सिंह ने कहॉ कि अभी तो उनके हाथ 30-40 एनओसी लगी है पर आंशका जमताई जा रही है कि हजारो एनओसी बैकडेट मे फर्जीवाड़े तरीके से जारी करके प्रापर्टी की रजिस्टरीया कराने के मंतव से जारी की गई है। उक्त बिलडिंग इंस्पैक्टर की उपर विभाग मे सैटिंग और पैसे के बल अच्छा प्रभाव है जिसके चलते इसकी पदउन्नित भी हो रही है। श्री सिंह ने कहॉ कि अब कट्टर ईमानदार सरकार इसकी जांच किसी ईमानदार अफसर से करवाए।
